how to do fundamental analysis of stocks in Indian stock market in 10 Minute?

हेलो दोस्तों अगर आप how to do fundamental analysis of stocks क्या हे, और fundamental analysis of stocks कैसे करते हे , ये जानना चाहते हे तो आपको ये मेरा ब्लॉग बहुत ही काम आएगा.

how to do fundamental analysis of stocks in Hindi?

आप सब जानते हे की Indian stock market  में fundamental analysis  का बहुत ही Important हे, लेकिन ये जानने में आया हे की बहुत सारे ऐसे traders और investor हे जिनको ये नहीं पता हे की fundamental analysis हे क्या?

मेने कई लोगो से सुना हे की fundamental analysis मतलब की कंपनी की Balance sheet और Income statement  देखना, कई लोग ये भी बताते हे ई कंपनी का future Predict  करना. तो ये थोड़ा बहुत सही हे, लेकिन as trader और investor इन Indian stock market हमारे लिए ये बहुत ही जरुरी हे की हमें डिटेल में fundamental analysis के बारेमे जानकारी हो.

fundamental analysis of stocks in Indian stock Market क्या हे ?

fundamental analysis करना मतलब की अगर आप स्टॉक मार्किट में stock Purchase करना चाहते हो तो,

purchase करने से पहले ये तय करना की कौन सी कंपनी का stock में लु? और अगर ये कंपनी का स्टॉक लेता हु तो में ये ही company का stock क्यों लु?

आप शेयर लेके एक तरह से कंपनी में इन्वेस्ट करते हो और आप जरूर ये चाहोगे की शेयर लेने के बाद कंपनी को ज्यादा से ज्यादा profit मिले, तो आपके शेयर की प्राइस भी बढ़ेगी और आपको profit पे अच्छा सा dividend income भी होगा.

Profit कमाने के लिए हम यहाँ कोई कंपनी में इन्वेस्ट कर रहे हे तो हम जरूर जानना चाहेंगे Detail में की वो companyकैसी हे, उसकी Balance sheet कैसी हे, उसका future कैसा हे, उसका debt कैसा हे, कंपनी के पास Reserve कितना हे, Competitor  किनते हे, लास्ट कुछ सालो का Profit कितना हे, कंपनी कितना डिविडेंड पे कर रही हे, कंपनी cashflow, कंपनी के पास आर्डर कितने हे,कंपनी का मेनजमेंट कैसा हे, और भी बहुत कुछ हम जानना चाहेंगे.

तो कोई भी कंपनी के बारे में Detail में ये सब जानने को ही हम fundamental analysis कहते हे.

Important component of fundamental analysis क्या हे ?

आप अगर SHARE  MARKET  से जुड़े हुवे होंगे तो आपने  टीवी पे बहुत के मुह से ये सब वर्ड जरूर सुने होंगे , जैसेकि EPS , PE  RATIO , BOOK  VALUE , और ऐसे बहुत सारे, तो आइये जानते हे डिटेल में ये सब क्या हे और हमें how to do fundamental analysis of stocks  करते समय कैसे काम लग सकते हे.

 Earnings per share

earning per share पे से कंपनी की profitability का पता चलता हे, क्योकि EPS का मतलब हे की PROFIT का का पार्ट जोभी OUTSTANDING shares हे उनको ALLOCATE करना.

आपको पता ही होगा की earning मतलब की profit , OR per share मतलब की एक शेयर ,

earning per share मतलब की एक share per Profit , अब अगर year by year earning per share Increase  होती हे तो कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी अच्छी हे,  क्योकि कंपनी का EPS Year by year बढ़ रहा हे.

अभी earning per share गिनते कैसे हे, तो एक example से देखते हे,

जैसेकि company का profit 100 crore हे , or Outstanding shares 50 crore हे , to यहाँ पे EPS rs. 2 हे . (100 करोड़ /50 करोड़= 2)

EARNING PER SHARE= PROFIT/OUTSTANDING SHARES

अभी समजते हे की outstanding shares हे क्या , outstanding shares मतलब की जो shares को issue किये हुवे हे or जो इन्वेस्टर के पास हे , मतलब की वो सारे shares जो अभी market में available हे जो trade के लिए available हे.

how to do fundamental analysis of stocks in Indian stock market के लिए earning per share अगर पिछले कुछ सालो से बढ़ रहा हे तो ये आगे भी बढ़ सकता हे औरअगर हम ये शेयर लेंगे तो हमें प्रॉफिट हो सकता हे.

Price to Equity Ratio (PE RATIO)

FUNDAMENTAL ANALYSIS में STOCK को SELECT करने के लिए PE रेश्यो का ज्यादा use होता हे,

PE ratio का use share की price कितनी cheap हे या कितनी expensive हे ये compare करने के लिए होता हे,

Higher PE मतलब की share की price expensive हे or हो सकता हे की शेयर की price बहुत आगे नहीं जाएगी , या फिर थोड़ा बहुत ही आगे जाएगी.

Higher PE अगर जो industry का share हे उस industry PE से कम हे तो फिर share का price बढ़ सकता हे.

Generally bear market में stock का PE कम होता हे, or bull market में PE ज्यादा होता हे ,

अगर company का PE ratio yearly basis पे increase नहीं होता हे तो हो सकता हे आपको अच्छा return नहीं मिलेगा.

PE RATIO earning per share से related हे, क्योकि PE RATIO निकालने के लिए CURRENT MARKET PRICE को earning per share से divide करते हे ,

PE RATIO= current market price/ earning per share

एक example से देखते हे ,

Company की Current मार्किट price rs. 100 हे , or EPS rs. 2 हे तो यहाँ पे PE RATIO 50 होगा .

अगर PE RATIO high हे or आप share लेने का सोच रहे हो तो आपको fundamental analysis of stocks in Indian stock market के दूसरे सारे terms को ध्यान में रखना हे फिर ही decision लेना हे .

Price to book value

Book value का पता balance sheet से चलता हे , book value मतलब की simple account वे में की company के asset – liability = book value,

Company के asset = land, building, plant , machinery etc.

Company liability= all type of loans.

Book value को निकाल ने के लिए आप fundamental analysis के लिए balance sheet में से equity share capital or retained earnings की figure को लेके दोनों का total जो आएगा वो आपकी book value हे ,

equity share capital + retained earnings = book value

अब इस total को आप number of equity share से divide करेंगे तो आपको per share कितनी book value हे मिल जाएगी .

equity share capital + retained earnings = book value/ Number of equity shares= Book value per share

अगर share का price उसकी book value से कम हे तो वो share attractive हो जाता हे और आप उसे खरीदने का सोच सकते हो .

लेकिन देखा गया हे की जो कंपनी fundamentally  strong  होती हे उसके share  की price  book value  से हमेशा ज्यादा होती हे, या फिर आस पास होती हे, तो अगर share price कंपनी की book value  से कम हे तो आपको fundamental  analysis  के दूसरे terms  को भी चेक करना चाहिए शेयर लेने से पहले.

यहाँ पे में how to do fundamental analysis of stocks in Indian stock market tutorial 1  का end कर रहा हु , यहाँ पर मेने fundamental analysis of stocks के तिने बहुत ही important component के बारे में बताया हे जिस का use बहुत बड़े एनालिस्ट करते हे,

अब आपको next tutorial २ में fundamental analysis of stocks in Indian stock market के बाकि के component जैसे की debt – equity ratio , Profit margin , return on equity और दूसरे कुछ important component के बारेमे बतावुगा, और साथ में ये भी बतावुगा की ये सब detail  एक ही जगह से कैसे लेते हे और decision  लेते हे की ये शेयर buy करे के नहीं.

Important component of fundamental analysis क्या हे ?

DEBT EQUITY RATIO:-

Debt: –   यहाँ कंपनी का जोभी डेब्ट (कर्ज) होता हे, जैसे की अपने business expansion के लिए कंपनी loans (ऋण) लेती हे,

तो दो तरह की लोन होती हे जैसेकि secured  loan  और unsecured  loan , अब कंपनी की सारि loans  के total  amount  को हम company  का debt  बोलते हे.

Equity: –  अभी इक्विटी में कंपनी की इक्विटी अमाउंट और रिज़र्व अमाउंट दोनो के अमाउंट का टोटल लेते हे.

DEBT EQUITY RATIO की फार्मूला:-

DEBT EQUITY RATIO = DEBT / EQUITY

फॉर example:-  एक कंपनी के पास टोटल debt 3 करोड़ हे, और equity 6 करोड़ हे,

3 करोड़/ 6 करोड़= 0.5

अब यहाँ डेब्ट इक्विटी रेश्यो 0.5 हे,

तो fundamental analysis के लिए हमेंDEBT EQUITY RATIO से ये पता चलता हे की कंपनी ने ज्यादा तर asset और बिज़नेस expansion, कैसे equity से ली गई हे या फिर ज्यादा loans ले के ली गई हे,

अगर DEBT EQUITY RATIO 1 से ज्यादा हे तो कंपनी ने loans ज्यादा हे और ये आगे जाके प्रॉब्लम कर सकते हे,

और अगर DEBT EQUITY RATIO 1 से कम हे तो कंपनी ने ज्यादा तर asset loans न लेके equity से लिए हे, तो ये company फ्यूचर के लिए अच्छा हे.

Profit Margin

profit margin समझने के लिए profit को समजते हे, जैसेकि profit मतलब की ,
total revenue – total expenses = profit .

अब अगर revenue rs . 2००००० हे, और अगर expenses rs .15०००० हे, तो यहाँ पे प्रॉफिट rs . 5०००० हे,

अब प्रॉफिट मार्जिन के लिए हमें हमारी नेट इनकम जैसे की ऊपर के example में rs . 5०००० हे, उसको divide करना हे total sales revenue से.

तो अब अगर यहाँ पे टोटल सेल्स rs . 2००००० हे ,

तो फार्मूला के हिसाब से 50000/200000= 0.25 * 100= 25 %

तो यहाँ पे profit margin 25 % हे.

तो profit margin से fundamental analysis के लिए हमें ये पता चलता हे की कंपनी की per dollar sales के सामने profit कितनी हे,

कई बार देखा गया हे की कंपनी की sales बहुत ही अच्छी होती हे, लेकिन सामने उनका expenses बहुत ही ज्यादा होता हे , जिसकी बजे से Profit Margin पे effect पड़ता हे,

एक example से समजते हे,

Net income after deducting expense from revenue = rs . 100000/-

total sales revenue :- rs .1000000/-

expenses on sales and advertisement and other expenses =rs . 900000/-

प्रॉफिट मार्जिन= 100000/1000000= 0.1*100= 10% .

यहाँ पर प्रॉफिट मार्जिन सिर्फ 10 % हे, अगर आप देखोगे तो यहाँ sales बहुत ही अच्छी हे, लेकिन कंपनी ने अपने expense और cost को control नहीं किया हे , जिसकी बजे से Margin पे pressure आ रहा हे, और मार्जिन घट गया हे.

तो यहाँ पे हमें ये समज में आता हे की कोई अच्छी कंपनी को अपने sales revenue बढ़ाने के साथ साथ अपने expense cost को भी control करना जरुरी हे.

आपने अगर देखा हो तो जब कभी भी कंपनी का रिजल्ट आता हे और मार्जिन कम आता हे तो कंपनी का शेयर प्राइस गिरने लगता हे.

Return On Equity

Return on Equity मतलब की shareholder की equity पे कंपनी ने कितना Profit generate किया हे.

यहाँ पैर आप को अपने नेट Profit को shareholders equity से divide करना हे तो आपको यहाँ पैर Return on Equity मिल जायेगा.

Example :– कंपनी नेट income हे 10 करोड़, और shareholders equity हे 20 करोड़.

ROE = 10/20 = 0.5

यहाँ पर कंपनी ने SHAREHOLDER की EQUITY पे 0.5 ( 50%)  ROE Generate किया he.

अगर ROE YEAR ON YEAR बढ़ रही हो तो वो FUTURE के लिए अच्छा हे, और आगे और PROFIT हो सकता हे, और अगर ROE YEAR ऑन YEAR घट रही हे तो वो अच्छा नहीं हे.

तो यहाँ पे मेने आपको fundamental  analysis के 6 बहुत ही IMPORTANT COMPONENT के बारे में बताया हे, जिसको आपने टीवी चैनल्स पे बहुत बार सुना होगा.

आप और भी बहुत कुछ Company के बारे में देख सकते हो जैसे की कंपनी का BUSINESS  MODEL  कोनसा हे, कंपनी के Customer base कौन हे, कंपनी के competitor और कंपनी अपने competitor के सामने कहा पर खड़ी हे,  कंपनी का Management कैसा हे एक अच्छा मेनजमेंट ही Company को आगे ला
सकते हे.

फिर आप market cap देख सकते हो, जैसे की ऑटो कंपनी में मारुती का market cap बहुत ही बढ़िया हे.

आप ये भी देख सकते हो की फ्यूचर में कंपनी के प्रोडक्ट्स का ग्रोथ कैसा रहेगा , क्या इसकी फ्यूचर में डिमांड रहे गई की नहीं.

तो इस तरह से आप शेयर मार्किट में शेयर्स को purchase करने के लिए फंडामेंटल एनालिसिस करते हो. मतलब की कंपनी के बारे में डिटेल में सब जानते हो.

दोस्तों अगर आपको ऊपर का सब component की फार्मूला अगर याद नहीं रहती हे तो आपको टेंशन लेने की जरुरत नहीं हे क्योकि ,अब हमें ये सब ready made मिलता हे,

उसके लिए आप https://www.screener.in/ और http://www.moneycontrol.com/ का use कर सकते हो.

आप निचे का Money control में Asian paints  का स्क्रीन शॉट देख सकते हो जिसमे, ऊपर का सारे important component  fundamental analysis के लिए आ गए हे.

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